चंडीगढ़ (ब्यूरो): पंजाब के मशहूर इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की कुछ महीने पहले इलाज के दौरान हुई मौत एक बार फिर चर्चा में आ गई है। इस मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट सामने आने के बाद परिवार ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का दावा है कि रिपोर्ट में इलाज के दौरान लापरवाही को मौत की वजह बताया गया है।
घुम्मन के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे का उपचार एक बड़े निजी अस्पताल में चल रहा था। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान जरूरी सावधानियां नहीं बरती गईं और उचित निगरानी की कमी रही। परिवार का मानना है कि अगर समय पर सही उपचार और देखभाल मिलती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने यह भी कहा कि वरिंदर घुम्मन ने हाल ही में चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद परिस्थितियां संदिग्ध लगने लगीं। हालांकि, इस संबंध में परिवार की ओर से कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग दोहराई है।
परिवार अब कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में है। घुम्मन के पिता ने स्पष्ट किया कि वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही उन्होंने पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर जल्द और ठोस कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में मेडिकल लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर बहस को हवा दे रहा है।




