ईरान में सत्ता परिवर्तन के बाद मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने पद संभालते ही इजरायल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मिसाइल हमले का आदेश दिया। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक यह कार्रवाई उनके नेतृत्व में की गई पहली सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद पहले से ही तनावपूर्ण मध्य-पूर्व क्षेत्र में टकराव और बढ़ने की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) के अनुसार Mojtaba Khamenei के नेतृत्व में इजरायल की ओर मिसाइलों की पहली खेप दागी गई। IRIB ने अपने टेलीग्राम चैनल पर दावा किया कि “ईरान ने अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में कब्जे वाले इलाकों की तरफ मिसाइलों की पहली लहर दागी है।” इस हमले के बाद क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Mojtaba Khamenei का जन्म 8 सितंबर 1969 को ईरान के धार्मिक शहर Mashhad में हुआ था। वह ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे Ali Khamenei के छह बच्चों में से एक हैं।
मोजतबा खामेनेई ने कई वर्षों तक पर्दे के पीछे रहते हुए धार्मिक संस्थानों और राजनीतिक ढांचे में धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी सीमित मौजूदगी और मीडिया से दूरी के कारण लंबे समय तक उनके प्रभाव को लेकर अटकलें लगती रहीं।
56 वर्ष की उम्र में वह 1979 Iranian Revolution के बाद विशेषज्ञ परिषद द्वारा चुने गए दूसरे सर्वोच्च नेता बने हैं। उन्होंने पवित्र शहर Qom में इस्लामी धर्मशास्त्र की पढ़ाई की, जिसे शिया इस्लामी विद्वता का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
बाद में उन्होंने वहीं धार्मिक शिक्षा भी दी और “हुज्जत-अल-इस्लाम” का धार्मिक पद हासिल किया, जो उनके पिता के “आयतुल्ला” पद से एक स्तर नीचे माना जाता है। उनका परिवार सैय्यद वंश से जुड़ा माना जाता है, जिसे पैगंबर मोहम्मद का वंशज माना जाता है। इसी वजह से ईरान के धार्मिक वर्ग में उनकी स्वीकार्यता भी मजबूत मानी जाती है।




