मानदेय बढ़ाने और बकाया इंसेंटिव जारी करने की मांग
बरनालाः पंजाब के बरनाला में आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में वर्करों ने एकत्र होकर रोष जताया और सरकार से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में यूनियन नेताओं ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव के समय सरकार ने आशा वर्करों से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद उनमें से अधिकतर वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए।
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि चुनाव के दौरान यह घोषणा की गई थी कि आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों को मिलने वाला 2500 रुपये का मानदेय दोगुना किया जाएगा, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कम मानदेय में उनसे बहुत अधिक काम लिया जा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आशा वर्करों को कम से कम 24,000 रुपये प्रति माह, यानी लगभग 800 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन दिया जाए। इसके साथ ही मौजूदा 2500 रुपये मानदेय को वार्षिक बढ़ोतरी के साथ दोगुना किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने रुके हुए इंसेंटिव तुरंत जारी करने, फैसिलिटेटरों के लिए टूर भत्ता बढ़ाकर 500 रुपये प्रति टूर करने और सेवानिवृत्त वर्करों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ पेंशन सुविधा देने की भी मांग उठाई।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।




