एक ऑनलाइन एग्जाम सेंटर में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करती थी। वहीं उसकी मुलाकात बरहेता निवासी आदर्श कुमार उर्फ आदर्श सिंह से हुई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया।
बिहार के दरभंगा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने अपने लिव-इन पार्टनर पर सात साल तक शारीरिक शोषण करने, चार बार जबरन गर्भपात कराने और अब पांच महीने की गर्भवती होने पर मारपीट कर घर से निकाल देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला वर्ष 2019 से शुरू हुआ। पीड़िता सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और उस समय एक ऑनलाइन एग्जाम सेंटर में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करती थी। वहीं उसकी मुलाकात बरहेता निवासी आदर्श कुमार उर्फ आदर्श सिंह से हुई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया।
पीड़िता के अनुसार, विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपी ने करीब सात वर्षों के दौरान लगभग 11 बार किराए के मकान बदले और हर जगह पड़ोसियों के सामने उसे अपनी पत्नी बताकर साथ रखा। लेकिन समय बीतने के साथ उसका व्यवहार बदल गया और कथित तौर पर शोषण का सिलसिला शुरू हो गया।
युवती का कहना है कि 2019 से 2026 के बीच वह चार बार गर्भवती हुई, लेकिन हर बार आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर गर्भपात कराने के लिए मजबूर कर दिया। फिलहाल वह पांच महीने की गर्भवती है।
पीड़िता के मुताबिक 22 फरवरी की रात को घटना ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब आरोपी शराब के नशे में कमरे पर पहुंचा और पांचवीं बार गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। युवती के इंकार करने पर उसने कथित तौर पर उसकी बेरहमी से पिटाई की और आधी रात को बाल पकड़कर घर से बाहर निकाल दिया।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद मकान मालिक ने भी आरोपी का साथ देते हुए कमरे पर ताला लगा दिया, जिससे उसके कपड़े और जरूरी सामान अंदर ही रह गए। इसके बाद से वह कई दिनों तक न्याय की मांग को लेकर भटकती रही।
मामले में जातिगत भेदभाव का आरोप भी सामने आया है। पीड़िता का कहना है कि जब उसने आरोपी पर शादी का दबाव बनाया तो वह अपनी बहन की शादी का हवाला देकर टालता रहा। लेकिन जब वह उसके घर पहुंची तो आरोपी के परिजनों ने कथित तौर पर जाति को लेकर उसे अपमानित किया। युवती का दावा है कि उसके साथ मारपीट की गई और कहा गया कि दूसरी जाति की लड़की के लिए उनके घर में कोई जगह नहीं है।
पीड़िता का आरोप है कि वह करीब पांच दिनों तक महिला थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उसने दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से गुहार लगाई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए DMCH भेजा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार नर्सों ने उसकी पांच महीने की गर्भावस्था को देखते हुए स्थिति को जोखिम भरा बताया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।




