चंडीगढ़ (ब्यूरो): पंजाब में नशे का खतरा लगातार गहराता जा रहा है और इसके कारण राज्य के कई परिवारों की खुशियां उजड़ रही हैं। ताजा मामले में उधोवाल गांव के 19 वर्षीय युवक वंश की ड्रग्स के ओवरडोज के कारण दर्दनाक मौत हो गई। वंश एक होनहार कबड्डी खिलाड़ी था और भविष्य में आगे बढ़ने के कई सपने देख रहा था, लेकिन नशे की लत ने उसकी जिंदगी छीन ली।
बताया जा रहा है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले मेहतपुर क्षेत्र के बूटे दियां छन्नां गांव के सरपंच की भी ड्रग्स के कारण मौत हो गई थी। महज दो दिनों के भीतर हुई इन दो मौतों ने एक बार फिर पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर रूप से उजागर कर दिया है।
इस मामले को लेकर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से चलाया जा रहा बहुचर्चित ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान पूरी तरह असफल साबित हो रहा है।
बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को उनके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए सवाल उठाया कि वह नशा-मुक्त पंजाब कहां है, जिसका दावा किया गया था। उनका कहना है कि राज्य के युवा आज भी ड्रग्स के खतरनाक जाल में फंस रहे हैं और कई परिवार तबाह हो रहे हैं, जबकि सरकार के दावे केवल प्रचार तक ही सीमित नजर आ रहे हैं।




