खालसा की शान और वीरता का प्रतीक तीन दिवसीय राष्ट्रीय पर्व होला मोहल्ला आज से गुरु नगरी Sri Anandpur Sahib में श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो रहा है। इससे पहले Sri Kiratpur Sahib की पावन धरती पर 27 फरवरी से 1 मार्च तक होला मोहल्ला बड़ी धूमधाम से मनाया गया।
होला मोहल्ला के प्रथम दिन खालसा पंथ की जन्मभूमि Takht Sri Keshgarh Sahib में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ होगा, जिसका भोग बुधवार, 4 मार्च को डाला जाएगा। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
पंथ की सर्वोच्च संस्था Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee ने पर्व को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं सिविल और पुलिस प्रशासन ने भी व्यापक प्रबंध किए हैं। जिला रूपनगर के डिप्टी कमिश्नर आदित्य डेचलवाल, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर चंद्र ज्योति सिंह, मेला अधिकारी एवं एस.डी.एम. श्री आनंदपुर साहिब सुखपाल सिंह के नेतृत्व में सिविल प्रशासन पिछले डेढ़ महीने से तैयारियों में जुटा हुआ है।
पुलिस विभाग की ओर से डीआईजी नानक सिंह, जिला पुलिस प्रमुख मनिंदर सिंह, एसपी अरविंद मीणा, डीएसपी जशनदीप सिंह, नंगल के डीएसपी हरकीरत सिंह तथा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दानिशवीर सिंह सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
डीएसपी जशनदीप सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। लगभग 5 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र पर कड़ी नजर रखी जाएगी। असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर मलकीत सिंह और अतिरिक्त मैनेजर एडवोकेट हरदेव सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने, गठरी घर, जूता घर तथा अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से पूरा प्रयास रहेगा कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अच्छे मौसम को देखते हुए इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। एसजीपीसी की कार्यकारिणी समिति के सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश से शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष जत्थेदार दलजीत सिंह भिंडर तथा पूर्व महासचिव अमरजीत सिंह चावला ने बताया कि होला मोहल्ला के तीनों दिन तख्त साहिब की ऊपरी मंजिल पर अमृत का बाटा तैयार किया जाएगा और धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे। इन दीवानों में प्रसिद्ध रागी, ढाडी जत्थे और कथावाचक गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल करेंगे।
उन्होंने देश-विदेश से पहुंच रही संगत से अपील की कि सभी गुरु साहिब के दिखाए मार्ग पर चलें, अमृत छककर गुरु के सच्चे सिख बनें और इस पावन पर्व को श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के साथ मनाएं।




