जालंधर (पंजाब जागरण): जालंधर शहर का हाल दिन-ब-दिन बदतर होता जा रहा है। कभी शांत और सुरक्षित माने जाने वाला यह शहर अब अपराधों की गिरफ्त में नजर आ रहा है। लूटपाट, नशा तस्करी, अवैध लॉटरी, हत्याएं, चोरियां और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियां अब आम होती जा रही हैं। वर्ष 2025 में जालंधर में अपराध के मामलों में जिस तेजी से बढ़ोतरी हुई है, उसने आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
स्थिति यह है कि रात 9 बजे के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में न तो पुलिस के नाके नजर आते हैं और न ही कोई प्रभावी गश्त दिखाई देती है। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
आए दिन लूटपाट, मर्डर, चोरी और गैंगवार की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर पुलिस थानों में शिकायतों के कागज तो बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर हालात बदलते हुए नजर नहीं आ रहे। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई सुस्त है, जिससे अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है।
मौजूदा हालात को देखते हुए जालंधर को अब लोग “क्राइम सिटी” कहने लगे हैं। शहरवासियों का मानना है कि यदि जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। सवाल यह है कि क्या मौजूदा हालात में कोई अधिकारी जालंधर को दोबारा जीरो क्राइम सिटी बना पाएगा, या अपराध का यह ग्राफ यूं ही ऊपर चढ़ता रहेगा।
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