जालंधर (शर्मा): जालंधर के लतीफपुरा इलाके में एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई ने माहौल गरमा दिया। डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों पर सोमवार सुबह तड़के ही क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई को देखते हुए पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी गई और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
गौरतलब है कि दिसंबर 2022 में इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा यहां कथित अवैध मकानों को गिराया गया था। उसी मामले में अब दोबारा कब्जे हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने अदालत से 9 फरवरी तक का समय मांगा था और 10 फरवरी को जवाब दाखिल करना था, लेकिन उससे पहले ही सोमवार को यह अभियान चला दिया गया। अधिकारियों ने निवासियों को अपना सामान हटाने के निर्देश दिए।

कार्रवाई के दौरान करीब 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। नगर निगम और पुलिस की टीमों ने पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। सुबह से ही इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में कुछ स्थानीय निवासी पंजाब मंडी बोर्ड की पानी की टंकी पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान एक महिला टंकी पर चढ़ते समय अचानक बेहोश हो गई, जिसे बाद में नीचे उतारा गया। इस घटनाक्रम के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई, हालांकि पुलिस ने हालात को काबू में रखा।
किसान नेता गुरदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने लगभग 20 जेसीबी मशीनों और टिप्परों की मदद से हाईकोर्ट के आदेशों के तहत कब्जा हटाने की कार्रवाई की है। उन्होंने इसे लोगों के साथ अन्याय करार दिया।
वहीं दूसरी ओर मॉडल टाउन मार्केट के व्यापारियों ने प्रशासनिक कदम का स्वागत किया। उनका कहना है कि पिछले चार वर्षों से यह विवाद उनके कारोबार पर असर डाल रहा था। व्यापारियों के अनुसार, सोमवार को की गई कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और किसी तरह की बड़ी झड़प सामने नहीं आई।
फिलहाल लतीफपुरा में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और इलाके में पुलिस बल तैनात है।




