जालंधर (पंजाब जागरण): महानगर जालंधर में अवैध लॉटरी और सट्टे का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। शहर का सेंट्रल एरिया हो, नॉर्थ, वेस्ट या फिर कैंट क्षेत्र, कई स्थानों पर खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए यह गैर-कानूनी धंधा संचालित होता दिखाई दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन और पुलिस के नाक के नीचे चल रहे इस कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
सूत्रों के अनुसार कई सट्टा माफिया बेरोजगार युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल कर चुके हैं। ये लोग बाजारों और गलियों में घूमकर दड़ा-सट्टे की पर्चियां इकट्ठा करते हैं और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों के जरिए कारोबार को आगे बढ़ाते हैं। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार में रोजाना करोड़ों रुपये का लेन-देन हो रहा है। नेपाल, मुंबई से लेकर देशावर तक के नाम पर विभिन्न प्रकार के सट्टे और लॉटरी संचालित किए जा रहे हैं।
शहर के फोकल प्वाइंट, ट्रांसपोर्ट नगर, लेदर कॉम्प्लेक्स और देवी तालाब मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में भी इस तरह की गतिविधियों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और फैक्टरी कर्मचारी रहते हैं, जिन्हें आसान कमाई का लालच देकर इस कारोबार से जोड़ा जाता है।
लोगों का आरोप है कि कई बार अवैध लॉटरी और सट्टे के अड्डों की जानकारी सार्वजनिक होने के बावजूद कुछ दिनों की कार्रवाई के बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। ऐसे में आम जनता के बीच यह चर्चा भी है कि आखिर इस कारोबार पर स्थायी रूप से रोक क्यों नहीं लग पा रही।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है। शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और इस गैर-कानूनी कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी।
पंजाब जागरण की टीम भी इस पूरे मामले की पड़ताल करेगी और वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से यह सामने लाने का प्रयास करेगी कि शहर के किन-किन क्षेत्रों में अवैध लॉटरी और सट्टे का कारोबार चल रहा है तथा इस पर रोक लगाने में प्रशासन को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।




