जालंधर (सैबी): वार्ड नंबर 33 में स्थित सरकारी स्कूल में नशा मुक्ति केंद्र शुरू किए जाने की योजना का स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध किया है। मोहल्ला वासियों का कहना है कि जिस भवन में केंद्र खोला जा रहा था, वहां उनके बच्चे रोज पढ़ने जाते हैं। ऐसे में नशा छोड़ने आने वाले मरीजों के संपर्क में आने से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाएँ और पुरुष स्कूल परिसर में पहुंचे और शिक्षा विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया। लोगों ने कहा कि वे नशा छुड़ाने के प्रयासों का समर्थन करते हैं, लेकिन सरकारी स्कूल परिसर इस तरह के केंद्र के लिए किसी भी दृष्टि से उपयुक्त स्थान नहीं है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना क्षेत्र के लोगों की राय लिए अचानक स्कूल में काम शुरू कर दिया गया था। उनका कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में नशा मुक्त अभियान चलाना चाहता है तो इसके लिए किसी अलग और सुरक्षित स्थान की तलाश की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारी निवासियों ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि उनकी आवाज अनसुनी की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। फिलहाल विरोध के बाद काम को रोक दिया गया है और प्रशासन इस मामले पर पुनर्विचार कर रहा है।
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