दौलतपुरी का राजू कथित अवैध लॉटरी कारोबार को लेकर चर्चा में, वायरल वीडियो के बाद पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

JALANDHAR Punjab

जालंधर : जालंधर के रामामंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दौलतपुरी इलाके में कथित रूप से अवैध लॉटरी (दड़ा-सट्टा) का कारोबार धड़ल्ले से चलने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि राजू नामक एक व्यक्ति लंबे समय से इस कथित कारोबार से जुड़ा हुआ है और इलाके में सक्रिय रूप से अवैध लॉटरी की पर्चियां इकट्ठी करने का काम करता है।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति शारीरिक रूप से दिव्यांग है, लेकिन इसके बावजूद उसके पास प्रतिदिन बड़ी संख्या में कथित दड़ा-सट्टा की पर्चियां पहुंचती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट और वैध रोजगार के इस प्रकार बड़े स्तर पर कथित लेन-देन होना कई सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि यदि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है, तो संबंधित एजेंसियों की नजर अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में मोबाइल फोन के माध्यम से दड़ा-सट्टा से जुड़े नंबर भेजे और प्राप्त किए जा रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इसकी सत्यता की जांच होना अभी बाकी है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि राजू नामक व्यक्ति कथित तौर पर दिनभर में एकत्र की गई पर्चियां अजय नाम के एक व्यक्ति को भेजता है। आरोप है कि अजय का संबंध एक बड़े सट्टा नेटवर्क से हो सकता है और वह इस पूरे कथित नेटवर्क का संचालन करता है। हालांकि, इन दावों की भी अभी तक पुलिस या किसी अन्य जांच एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इलाके के लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों में सच्चाई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। लोगों का मानना है कि अवैध लॉटरी और दड़ा-सट्टा जैसी गतिविधियां समाज, विशेषकर युवाओं को गलत दिशा में ले जाती हैं और ऐसे मामलों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होना आवश्यक है।

अब सभी की नजर रामामंडी थाना पुलिस और संबंधित अधिकारियों पर है कि वे इस वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि आरोप गलत साबित होते हैं, तो यह भी स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि प्रभावित न हो।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *