जालंधर: शहर में कथित तौर पर अवैध लॉटरी का कारोबार एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फोकल प्वाइंट, सोढल, ट्रांसपोर्ट नगर सहित कई इलाकों में अवैध लॉटरी के स्टॉल खुलेआम संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। इसे लेकर लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह धंधा किसके संरक्षण में चल रहा है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे।
जानकारी के अनुसार इन स्टॉलों पर बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों और कम आय वर्ग के लोगों को लॉटरी के नाम पर आकर्षित किया जाता है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को और अधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं।
सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं और विभिन्न स्थानों पर स्टॉल संचालित करवाए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
बताया जा रहा है कि आज महीने का अंतिम दिन होने के कारण अधिकांश स्टॉल बंद हैं। लेकिन कल से दुकानों के खुलने पर विभिन्न स्थानों की ग्राउंड रिपोर्ट और वीडियो के माध्यम से यह दिखाया जाएगा कि शहर के किन-किन इलाकों में कथित रूप से यह कारोबार चल रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जालंधर पुलिस कमिश्नर इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करवाएंगे? यदि शहर में वास्तव में अवैध लॉटरी का कारोबार संचालित हो रहा है, तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।
यदि किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं, तो उन्हें भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। वहीं, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार संबंधित लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होना आवश्यक है।




